क्या आप सोच सकते हैं कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म , जिसने छोटे-छोटे होम बिज़नेस को मोबाइल से जोड़कर लाखों लोगों को उद्यमी बना दिया ? क्या आप सोच सकते हैं कि एक साधारण-सा मोबाइल फोन लाखों लोगों के लिए कमाई का जरिया बन सकता है ? जहां पहले घर की चार दीवारों तक सीमित हुनर था , वहीं आज वही हुनर पूरे देश में ग्राहकों तक पहुंच रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिसने बिना दुकान , बिना स्टॉक और बिना बड़े निवेश के लोगों को उद्यमी बना दिया आज हम करने वाले हैं Meesho की असाधारण सफलता के बारे में । साल 2015 में जब Meesho ने अपने सफर की शुरुआत की , उस समय Amazon को भारत में आए सिर्फ दो साल हुए थे। वहीं Flipkart पहले से ही लंबे समय से बाजार में सक्रिय थी। हालांकि , इन दोनों कंपनियों का मुख्य ध्यान इंटरनेट का उपयोग करने वाली शहरी आबादी पर केंद्रित था। यहीं पर Meesho को एक बड़ा अवसर दिखाई दिया। कंपनी ने समझा कि छोटे शहरों और कस्बों (टियर- 2 और टियर- 3) की बड़ी आबादी सोशल मीडिया तो उपयोग कर रही है , लेकिन ऑनलाइन खरीदारी को लेकर अभी भी झिझक महसूस करती है। बस इसी अंतर को पहचानते हुए Meesho ने सोशल म...
क्या आप सोच सकते हैं कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म , जिसने छोटे-छोटे होम बिज़नेस को मोबाइल से जोड़कर लाखों लोगों को उद्यमी बना दिया ? क्या आप सोच सकते हैं कि एक साधारण-सा मोबाइल फोन लाखों लोगों के लिए कमाई का जरिया बन सकता है ? जहां पहले घर की चार दीवारों तक सीमित हुनर था , वहीं आज वही हुनर पूरे देश में ग्राहकों तक पहुंच रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिसने बिना दुकान , बिना स्टॉक और बिना बड़े निवेश के लोगों को उद्यमी बना दिया आज हम करने वाले हैं Meesho की असाधारण सफलता के बारे में । साल 2015 में जब Meesho ने अपने सफर की शुरुआत की , उस समय Amazon को भारत में आए सिर्फ दो साल हुए थे। वहीं Flipkart पहले से ही लंबे समय से बाजार में सक्रिय थी। हालांकि , इन दोनों कंपनियों का मुख्य ध्यान इंटरनेट का उपयोग करने वाली शहरी आबादी पर केंद्रित था। यहीं पर Meesho को एक बड़ा अवसर दिखाई दिया। कंपनी ने समझा कि छोटे शहरों और कस्बों (टियर- 2 और टियर- 3) की बड़ी आबादी सोशल मीडिया तो उपयोग कर रही है , लेकिन ऑनलाइन खरीदारी को लेकर अभी भी झिझक महसूस करती है। बस इसी अंतर को पहचानते हुए Meesho ने सोशल म...