ओयो (OYO Rooms), जिसका मतलब "ऑन योर ओन रूम्स" (On Your Own Rooms) है, आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली होटल चेन में से एक है। लेकिन इसकी शुरुआत बहुत साधारण थी। ओयो की कहानी हमें सिखाती है कि छोटा सपना भी बड़ी सोच से बड़ा बन सकता है । शुरुआत ओयो की स्थापना 2013 में रितेश अग्रवाल ने की थी। उस समय रितेश की उम्र मात्र 19 वर्ष थी। उन्होंने देखा कि भारत में सस्ते होटलों में रहने की गुणवत्ता बहुत खराब होती है कहीं साफ़-सफाई नहीं, कहीं सुविधाओं की कमी। यहीं से ओयो का आइडिया आया । ओयो ऐप या वेबसाइट के माध्यम से बजट और प्रीमियम होटल, होमस्टे और किफायती आवास प्रदान करती है। यह कंपनी दुनिया के कई देशों में अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं और अपनी तकनीक के माध्यम से बुकिंग आसान बनाती है। प्रारंभिक जीवन ओयो (OYO) के संस्थापक रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर 1993 को ओडिशा के कटक के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ और पालन-पोषण तिटिलागढ़ में हुआ। बचपन से ही उद्यमी स्वभाव के रितेश ने 13 साल की उम्र में सिम कार्ड बेचना शुरू किया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रायगड़ा के सेक्रेड हार्ट...
किशोर बियानी की सफलता की कहानी भारत में आधुनिक रिटेल क्रांति की नींव रखने की दास्तान है। उन्होंने बिग बाज़ार (Big Bazaar) जैसे डिस्काउंट हाइपरमार्केट और पैंटालून्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड शुरू करके देश में खरीदारी के तौर-तरीके बदल दिए। 1987 में पैंटालून्स से शुरुआत कर उन्होंने फ्यूचर ग्रुप का विस्तार किया, जिसने भारतीय मध्यम वर्ग को एक ही जगह पर विविध उत्पादों की सुविधा दी। बिग बाजार एक ऐसा रिटेल मार्केट हैं जहां एक ही छत के नीचे व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जरुरती चीजोंं को खरीद सकता है । यह खासकर मध्यमवर्गीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है । किशोर बियानी की जीवनी किशोर बियानी का जन्म 9 अगस्त 1961 को मुंबई में एक कपड़ा व्यवसायी परिवार में हुआ। शुरू से ही उन्हें अपने पारिवारिक बिजनेस में गहरी दिलचस्पी थी। 1987 में उन्होंने पारंपरिक कपड़ा व्यवसाय को नया रूप देते हुए इसे रेडीमेड परिधान उद्योग की ओर मोड़ दिया। किशोर बियानी वह नाम हैं जिन्हें भारत में आधुनिक रिटेल का अग्रदूत माना जाता है। ‘रिटेल किंग’ के नाम से प्रसिद्ध बियानी ने खरीदारी को सरल और सुलभ बनाकर आम लोगों तक पहुंचाया। फ्यूचर ग्रुप ...