भारत में जब लोग कैश पर भरोसा करते थे , तब एक युवा ने डिजिटल पेमेंट के भविष्य पर विश्वास किया। सुरक्षित नौकरी छोड़कर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया , जिसने करोड़ों लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया आज हम बात करने जा रहे हैं फोन-पे के संस्थापक समीर निगम की । यह सिर्फ एक स्टार्टअप की कहानी नहीं , बल्कि हिम्मत , दूरदृष्टि और सही समय पर लिए गए फैसले की कहानी है। PhonePe आज जिस ऊँचाई पर है , उसके पीछे है एक सपने को सच करने का जुनून फोन-पे की शुरुआत कैसे हुई भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया तेजी से बदल रही थी , लेकिन कुछ साल पहले तक ज्यादातर लोग नकद लेन-देन पर ही निर्भर थे। ऐसे समय में समीर निगम ने यह समझ लिया था कि आने वाला दौर डिजिटल ट्रांजैक्शन का होगा। उन्होंने इस बदलाव को सिर्फ एक ट्रेंड नहीं , बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखा। 2015 में Sameer Nigam ने राहुल चारी और बुज़र्जिन इंजीनियर के साथ मिलकर PhonePe की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित , सरल और भरोसेमंद वित्तीय समाधान उपलब्ध कराना था। इससे पहले इन तीनों ने...
एक छोटे से कमरे से शुरु हुई वेबसाइट कैसे बन गई अरबों डॉलर की कंपनी, पढ़िए फ्लिपकार्ट के कामयाबी की कहानी ।
फ्लिपकार्ट भारत की एक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी है जिसपर हम ऑनलाइन कुछ भी खरीद सकते हैं वह भी घर बैठे । फ्लिपकार्ट आज के समय में देश की सबसे सफल कंपनियों में से एक है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कंपनी की शुरुआत एक कमरे के फ्लैट से हुई थी। जब कोई एक छोटे से कमरे से अपने बिजनेस की शुरुआत करता है तो वह शायद ही यह सोचता हो कि उसका बिजनेस इतने कम निवेश के बाद भी एक समय अरबों की कंपनी बन जाएगी। फ्लिपकार्ट का नाम भी कुछ उन्ही स्टार्टअप में से है जिनकी शुरुआत महज ही कुछ रुपयों से हुई थी लेकिन आज उस कंपनी का टर्नओवर अरबों में है। तो आज हम Story behind the Success के माध्यम से आपको बताने जा रहें हैं कैसे सचिन और बिन्नी बसंल ने फ्लिपकार्ट को नई बुलंदियों पर पहुंचाया। Flipkart के शुरुआत की कहानी Flipkart भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है। Flipkart की शुरुआत 2007 में Sachin Bansal और Binny Bansal द्वारा बंगलोर में की गई थी। दोनों मित्र IIT दिल्ली के पूर्व छात्र थे और उन्हें इंजीनियरिंग में दिलचस्पी थी। Flipkart की शुरुआत एक ऑनलाइन पुस्तकालय के रूप में हुई थी...