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स्टार्टअप से सुपरब्रांड तक: स्विगी (Swiggy) की सफलता की अद्भुत और अनसुनी कहानी

क्या कभी किसी ने कल्पना की होगी कि मात्र दस मिनट में आपका खाना दरवाज़े तक पहुँच जाएगा? बस एक फोन घुमाइए और कहीं दूर आपके लिए खाना तैयार होने लगेगा। कभी यह सोचना भी असंभव लगता था, लेकिन आज यह संभव कर दिखाया है हर्ष मजेटी ने ।  अपने पहले स्टार्टअप में असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2014 में स्विगी की शुरुआत की। आज स्विगी 16 अरब डॉलर की एक विशाल कंपनी बन चुकी है। आइए जानते हैं इसकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी। हर्ष की पढ़ाई-लिखाई आंध्र प्रदेश के एक डॉक्टर परिवार में जन्मे श्रीहर्ष के पिता रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े थे, जबकि उनकी माँ डॉक्टर थीं। घर में रेस्टोरेंट का माहौल होने के कारण उन्हें बचपन से ही खाने-पीने के कारोबार की समझ मिल गई। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, इसके बाद फिजिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की और चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) के सेकेंड लेवल की परीक्षा भी पास की। श्रीहर्ष का सपना हमेशा अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का था, इसलिए उन्होंने आईआईएम कलकत्ता से मैनेजमेंट की डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई पूर...

ठेले लगाने वाली महिला ने कैसे खड़ा कर दिया करोड़ों का रेस्‍तरां बिजनेस..Sandheepha Restaurant की प्रेरक यात्रा

    अगर हौसला और कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो कोई भी मुश्किलें रुकावट नहीं बन सकतीं। इसका बेहतरीन उदाहरण हैं चेन्‍नई की पैट्रिसिया नारायण। जब जिंदगी ने उन्‍हें कड़े इम्तिहान दिए, तो उन्‍होंने उन्‍हें पार कर अव्‍वल स्‍थान पर पहुँचने का करिश्‍मा किया। दो बच्‍चों की जिम्‍मेदारी उठाने के लिए उन्‍होंने महज 50 पैसे में चाय बेचना शुरू किया, और आज उनकी रोज की कमाई 2 लाख रुपये से अधिक है। अब वे चेन्‍नई में एक सफल बिजनेसवुमेन के रूप में जानी जाती हैं और करोड़ों का कारोबार संभालती हैं। पैट्रिसिया ने अपने जीवन में हर प्रकार के संघर्ष का सामना किया, लेकिन कभी भी हार नहीं मानी। परिवार की परेशानियों और समाज के तानों से उबरते हुए, उन्‍होंने अपनी मंजिल को पाया। जो पैट्रिसिया कभी 50 पैसे में चाय बेचा करती थीं, आज वही रोजाना 2 लाख रुपये कमाती हैं। जो पैट्रिसिया कभी रिक्‍शे से सफर करती थीं, उनके पास आज कई लग्जरी कारों का काफिला है। यह सबकुछ उन्‍होंने अपनी मेहनत और संकल्‍प से अकेले ही हासिल किया है। शुरुआत का जीवन पैट्रिसिया का जन्म तमिलनाडु के नागरकोल में एक पारंपरिक क्रिश्चियन परिवार में हुआ। 1...