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कैसे बना एचडीएफसी बैंक भारत का भरोसेमंद बैंकिंग ब्रांड: आदित्य पुरी की दूरदर्शिता और लीडरशिप की दमदार गाथा

  क्या आप विश्वास करेंगे कि एक व्यक्ति ने विदेश की शानदार नौकरी छोड़कर भारत में एक ऐसा बैंक खड़ा किया, जो आज भरोसे और मजबूती की मिसाल बन चुका है? सीमित संसाधन, ढेरों चुनौतियाँ और अनिश्चित भविष्य—इन सबके बीच एक सपना था, देश में वर्ल्ड-क्लास बैंक बनाने का। यह कहानी है साहस, विज़न और अटूट नेतृत्व की, जिसने भारतीय बैंकिंग जगत की दिशा ही बदल दी। 25 वर्ष पहले इस बैंक की स्थापना हुई थी, तब उनकी टीम में कई लोग ऐसे थे जो उम्र में बहुत युवा थे। कुछ साधारण मध्यमवर्गीय परिवारों से आते थे और साधारण जीवन जीते थे, जबकि कुछ सदस्य विदेशी कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत थे। उस समय सभी के मन में एक ही सपना था—अपने देश में एक विश्वस्तरीय बैंक की स्थापना करना।  यह भी पढ़ें-    YOYO Rooms की सफलता की कहानी: एक 19 साल के बिजनेसमैन का आइडिया जिसने होटल इंडस्ट्री की तकदीर बदल दी । एचडीएफसी बैंक का शुरुआती दौर बेहद चुनौतीपूर्ण था। संसाधनों की कमी के कारण बैंक ने कमला मिल्स में अपना कार्यालय शुरू किया। अक्सर अगली सुबह कर्मचारी जब दफ्तर आते, तो कंप्यूटर और मशीनें काम नहीं करती थीं, क्योंकि च...

पुराने फर्नीचर और सेकेंड हैंड कंप्यूटर से शुरू हुआ सफर: संजीव बिकचंदानी की प्रेरक कहानी

   अगर सपनों को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से प्रयास किया जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है। आज हम बात करने जा रहे हैं नौकरी डॉट कॉम और जीवनसाथी डॉट कॉम जैसी वेबसाइट के संस्थापक संजीव बिकचंदानी (Sanjeev Bikhchandani) की जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ है। कभी एक सामान्य नौकरी करने वाले संजीव के मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा लगातार उन्हें प्रेरित कर रही थी। इसी दृढ़ इरादे के साथ उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी और कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, शुरुआत आसान नहीं थी। क्योंकि इस दौरान उन्हें अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कई बार आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने कभी इन बातों को अपने उद्देश्य पर हावी नहीं होने दिया। उनकी पत्नी सुरभि ने हर कदम पर उनका साथ दिया। अपनी मेहनत और परिवार के सहयोग से उन्होंने कुछ ही वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी। यह भी पढ़ें-  जब उसी कॉलेज में व्याख्यान देने पहुंचे गौतम अडानी जहां नही मिला था एडमिशन-पढ़िए सफलता की रोचक कहानी संजीव बिकचंदानी जिन्होंने कभी अपनी पत्नी से उधार लेकर...