सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Travis Kalanick की प्रेरणादायक कहानी: संघर्ष से शुरू हुई Uber Ride कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी राइड-शेयरिंग कंपनी

जब दुनिया में लोग रोज़ाना टैक्सी पाने के लिए सड़कों पर इंतज़ार कर रहे थे , देर और असुविधा को अपनी किस्मत मान चुके थे , तब एक व्यक्ति के दिमाग में एक सवाल उठा — क्या ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदला जा सकता है ? यही सवाल आगे चलकर एक बड़े बिज़नेस क्रांति की शुरुआत बना। यह कहानी है Travis Kalanick की , जिसने एक साधारण सी समस्या को देखा और उसे एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन में बदल दिया। उनकी सोच ने साबित किया कि अगर आइडिया सही हो , तो पूरी इंडस्ट्री की दिशा बदली जा सकती है। प्रस्तावना Travis Kalanick एक अमेरिकी उद्यमी हैं , जिन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में राइड-शेयरिंग की अवधारणा को नया रूप दिया। वे Uber के सह-संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं , जिसने शहरी परिवहन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया और लोगों के यात्रा करने के तरीके को आसान बना दिया। उनका जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं है , बल्कि संघर्ष , असफलताओं और लगातार सीखने की प्रक्रिया का उदाहरण भी है। शुरुआती दौर में कई स्टार्टअप्स असफल हुए , लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय नए विचारों के साथ आगे बढ़ना जारी रखा। इसी सोच और ...

चार असफल बिजनेस और फिर सफलता की अनोखी उड़ान..पढ़िए गजब की मिसाल

 

 


सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती, यह बात मिसाल बनकर साबित की है बिहार के नालंदा जिले के 29 वर्षीय मिस्बाह अशरफ (Misbah Ashraf) ने। बार-बार असफल होने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी लगन, जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता हासिल की। मिस्बाह की कड़ी मेहनत ने उन्हें फोर्ब्स की ‘फोर्ब्स 30 अंडर 30’ सूची में जगह दिलाई। महज 29 साल की उम्र में उन्होंने 2463 करोड़ रुपये की फिनटेक कंपनी खड़ी कर, अपनी सफलता की कहानी लिखी। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि उम्र केवल एक संख्या है, अगर आप में जुनून और हौसला है तो आप बड़ी से बड़ी ऊंचाई हासिल कर सकते हैं।

मिशबाह अशरफ का शुरुआती जीवन

मिस्बाह अशरफ (Misbah Ashraf) बिहार के नालंदा जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता एक साधारण शिक्षक हैं, और उन्होंने असफलताओं से लड़ते रहने की प्रेरणा अपने पिता से ही पाई। उनकी मां एक गृहिणी हैं, और उनकी शुरुआती शिक्षा नालंदा में ही हुई। मिडिल क्लास परिवार में पले-बढ़े मिस्बाह ने बचपन से ही बड़े सपने देखे थे। इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन पहले साल में ही पढ़ाई छोड़ दी। कॉलेज ड्रॉपआउट मिस्बाह को यह एहसास था कि उनकी सफलता का रास्ता बिजनेस से होकर गुजरेगा। आईआईटी दिल्ली के अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उन्होंने सितंबर 2013 में सोशल पेमेंट वेंचर "Cibola" की शुरुआत की।

मिस्बाह का पहला वेंचर पेमेंट लाइसेंस की प्रक्रिया में अटक गया। सरकार से उन्हें जरूरी लाइसेंस नहीं मिल पाया, और साथ ही उनके सामने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्रतिद्वंदी भी थे। हालातों का इंतजार करने के बजाय उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया। साल 2017 में मिस्बाह ने एक नया वेंचर शुरू किया, जो फैशन और ब्यूटी प्लेटफॉर्म पर आधारित था। उनके इस प्लेटफॉर्म, Marsplay, ने दो राउंड की फंडिंग भी हासिल की। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान इस वेंचर को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने इसे FOXY को बेच दिया।

यह भी पढ़ें-  सिर्फ 6 महीने में 600 करोड़ की कंपनी: Ekkaa Electronics के शून्य से शिखर तक पहुंचने का सफर

जार से मिली सफलता

दो बार असफलताओं का सामना करने के बावजूद, मिस्बाह हार मानने वालों में से नहीं थे। साल 2021 में उन्होंने अपना तीसरा वेंचर, "Jar" (जार), की शुरुआत की। आज उनका यह फिनटेक स्टार्टअप न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन चुका है। जार की शुरुआत उन्होंने गोल्ड निवेश के साथ की थी। मिस्बाह अशरफ को साल 2023 की ‘फोर्ब्स 30 अंडर 30’ सूची में जगह मिली, और इस सूची में शामिल होने वाले वह बिहार के इकलौते युवा हैं। अपने स्टार्टअप जार के जरिए मिस्बाह लोगों को छोटी-छोटी बचत करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके फाइनेंशियल ऐप की मदद से लोग न केवल बचत कर सकते हैं, बल्कि उस बचत को सोने में भी निवेश कर सकते हैं।


 

काफी कम समय में मिली सफलता

मिस्बाह ने बेहद कम समय में एक बड़ी सफलता हासिल की। उनके फिनटेक ऐप "Jar" ने 11 मिलियन से अधिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया। इस स्टार्टअप ने 58 मिलियन डॉलर का निवेश हासिल किया। शुरुआत के सिर्फ एक साल बाद ही कंपनी को 22.6 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश मिला, जिससे उनकी कंपनी की वैल्यूएशन 300 करोड़ डॉलर यानी लगभग 2463 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

"Jar" का मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है, और इसके सक्रिय उपयोगकर्ता कश्मीर से लेकर अंडमान-निकोबार तक फैले हुए हैं। इस स्टार्टअप के आधे से अधिक उपयोगकर्ता टीयर-1 शहरों से हैं, जबकि 35% उपयोगकर्ता टीयर-2 शहरों से और शेष 15% छोटे शहरों से आते हैं। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने उपयोगकर्ता आधार को बढ़ाकर । 5 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।

दृढ़ निश्चय और लगन व्यक्ति को आसमान की ऊंचाईयों तक ले जाता है। मिसबाह अशरफ की कहानी भी दृढ़ता का ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण है,जिसने तकनीकी दुनिया के दिग्गजों जैसे एलन मस्क,सुंदर पिचई,बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्हे अपने पिता से एक अनमोल सीख मिली, जो उनके  लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत का काम किया। उनके पिता एक शिक्षक थे। उन्होंने कहा था, जो धीरे-धीरे चलते हैं वे गिरते नही। यह सीख मिसबाह के जीवन की दिशा तय करने वाली बनी। इसी दृढ़ विश्वास के साथ उन्होंने स्कूल छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरु करने का फैसला किया।

 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कैसे एक छोटे आइडिया ने बदली दुनिया: Startup-Airbnb की धमाकेदार कहानी

क्या आप सोच सकते हैं कि एक छोटा सा कमरा और कुछ एयर मैट्रेस आपकी जिंदगी बदल सकते हैं ? Brian Chesky ने इसी साधारण आइडिया को अपनाकर एक ऐसा बिजनेस खड़ा किया , जिसने पूरी दुनिया के रहने और यात्रा करने के तरीके को बदल दिया। जब जेब खाली हो , किराया देने के पैसे न हों और हर रास्ता बंद दिखे — तभी असली सोच जन्म लेती है। Airbnb की शुरुआत भी एक ऐसी ही मजबूरी से हुई , जिसने बाद में अरबों डॉलर का साम्राज्य खड़ा कर दिया। प्रस्तावना Brian Chesky एक साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति थे , लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे। बचपन से ही उन्हें कला और डिज़ाइन में गहरी रुचि थी , जो उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती थी। यही रचनात्मक सोच आगे चलकर उनके बिजनेस आइडियाज की नींव बनी। उन्होंने Rhode Island School of Design से अपनी पढ़ाई पूरी की , जहां उन्होंने प्रोडक्ट डिज़ाइन सीखा। इस दौरान उन्होंने सीखा कि किसी भी समस्या को अलग नज़रिए से कैसे देखा जाए और उसे एक अवसर में बदला जाए। यही सोच उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बनी। जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किराया दे...

Travis Kalanick की प्रेरणादायक कहानी: संघर्ष से शुरू हुई Uber Ride कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी राइड-शेयरिंग कंपनी

जब दुनिया में लोग रोज़ाना टैक्सी पाने के लिए सड़कों पर इंतज़ार कर रहे थे , देर और असुविधा को अपनी किस्मत मान चुके थे , तब एक व्यक्ति के दिमाग में एक सवाल उठा — क्या ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदला जा सकता है ? यही सवाल आगे चलकर एक बड़े बिज़नेस क्रांति की शुरुआत बना। यह कहानी है Travis Kalanick की , जिसने एक साधारण सी समस्या को देखा और उसे एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन में बदल दिया। उनकी सोच ने साबित किया कि अगर आइडिया सही हो , तो पूरी इंडस्ट्री की दिशा बदली जा सकती है। प्रस्तावना Travis Kalanick एक अमेरिकी उद्यमी हैं , जिन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में राइड-शेयरिंग की अवधारणा को नया रूप दिया। वे Uber के सह-संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं , जिसने शहरी परिवहन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया और लोगों के यात्रा करने के तरीके को आसान बना दिया। उनका जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं है , बल्कि संघर्ष , असफलताओं और लगातार सीखने की प्रक्रिया का उदाहरण भी है। शुरुआती दौर में कई स्टार्टअप्स असफल हुए , लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय नए विचारों के साथ आगे बढ़ना जारी रखा। इसी सोच और ...

Daniel Ek और Spotify की कहानी: पढ़िए कैसे एक आइडिया ने कलाकारों को उनका सही मेहनताना दिलाया

क्या आप सोच सकते हैं कि एक साधारण सा आइडिया पूरी म्यूज़िक इंडस्ट्री को बदल सकता है ? एक ऐसा प्लेटफॉर्म , जिसने piracy जैसी बड़ी समस्या को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया और लोगों को आसानी से गाने सुनने का नया तरीका दिया। एक युवा लड़का , Daniel Ek , जिसने अपनी सोच और मेहनत से Spotify जैसा प्लेटफॉर्म बनाया - जिसने न सिर्फ कलाकारों को नई पहचान दी , बल्कि दुनिया भर के करोड़ों लोगों की म्यूज़िक सुनने की आदत ही बदल दी। प्रस्तावना Daniel Ek एक स्वीडिश उद्यमी हैं , जिन्होंने म्यूज़िक इंडस्ट्री में क्रांतिकारी बदलाव लाया। उन्होंने Spotify की स्थापना की , जो आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है। उनकी सोच ने लोगों के गाने सुनने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। Daniel Ek का विज़न सिर्फ एक बिज़नेस खड़ा करना नहीं था , बल्कि एक ऐसी समस्या का समाधान ढूंढना था , जिससे पूरी म्यूज़िक इंडस्ट्री जूझ रही थी —illegal downloads और piracy । उन्होंने यह समझा कि लोग सुविधा चाहते हैं , और अगर उन्हें सही प्लेटफॉर्म दिया जाए , तो वे legal तरीके से भी म्यूज़िक का आ...