सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कैसे एक छोटे आइडिया ने बदली दुनिया: Startup-Airbnb की धमाकेदार कहानी

क्या आप सोच सकते हैं कि एक छोटा सा कमरा और कुछ एयर मैट्रेस आपकी जिंदगी बदल सकते हैं ? Brian Chesky ने इसी साधारण आइडिया को अपनाकर एक ऐसा बिजनेस खड़ा किया , जिसने पूरी दुनिया के रहने और यात्रा करने के तरीके को बदल दिया। जब जेब खाली हो , किराया देने के पैसे न हों और हर रास्ता बंद दिखे — तभी असली सोच जन्म लेती है। Airbnb की शुरुआत भी एक ऐसी ही मजबूरी से हुई , जिसने बाद में अरबों डॉलर का साम्राज्य खड़ा कर दिया। प्रस्तावना Brian Chesky एक साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति थे , लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे। बचपन से ही उन्हें कला और डिज़ाइन में गहरी रुचि थी , जो उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती थी। यही रचनात्मक सोच आगे चलकर उनके बिजनेस आइडियाज की नींव बनी। उन्होंने Rhode Island School of Design से अपनी पढ़ाई पूरी की , जहां उन्होंने प्रोडक्ट डिज़ाइन सीखा। इस दौरान उन्होंने सीखा कि किसी भी समस्या को अलग नज़रिए से कैसे देखा जाए और उसे एक अवसर में बदला जाए। यही सोच उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बनी। जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किराया दे...

कैसे खुद की नायिका बनीं Nykaa की संस्थापक फाल्गुनी नायर


फाल्गुनी नायर भारतीय महिलाओं की शीर्ष अमीर महिला सीईओ हैं। वह नायका की  संस्थापक हैं और ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से ब्यूटी और वेलनेस प्रोडक्ट सेल करती हैं। उनकी नेटवर्थ करीब २१६०० करोड़ रुपए है और उनके पास १६०० से अधिक कर्मचारी है । नायका के देशभर में अपने १७ स्टोर्स हैं।

देश की महिलाओं का बिजनेस क्षेत्र में दबदबा बढ़ रहा है। अब देश में कारोबारी महिलाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भारतीय महिलाओं का डंका देश से लेकर विदेशों तक में गूंज रहा है।

इन्ही में से एक महिला का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है। फाल्गुनी नायर। फाल्गुनी नायर एक बिजनेस वूमन हैं। वह देश की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल हो चुकी हैं।फाल्गुनी को विरासत में कोई कंपनी नही मिली या माता पिता के पैसों के बलबूते पर नही बनाया बल्कि अपना ये मुकाम खुद बनाया। फाल्गुनी नायर को भारतीय स्टार्ट-अप की क्वीन कहा जाता है। वह नायका की संस्थापक हैं। नायका कंपनी हाल ही में शेयर मार्केट में लिस्ट हुई है।

फाल्गुनी नायर खुद कहती हैं, "आज एक सपना साकार हो गया। मैंने 50 साल की उम्र में बिना किसी अनुभव के नायका की शुरुआत की थी। मुझे उम्मीद है कि नायका की कहानी आप में से हर किसी को अपने जीवन की नायक या नायिका बनने की प्रेरणा दे सकती है।"

ऐसे हुई शुरुआत

१९ फरवरी १९६३ को मुबंई में जन्मी फाल्गुनी एक इन्वेंस्टमेंट बैंकर रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एएफ फर्ग्यूसन कंपनी के साथ बतौर मैनेजमेंट कंसल्टेंट की थी। साल १९९३ में कोटक महिंद्रा ग्रुप के साथ जुड़ी और वहां २० सालों तक काम किया। साल २००५ में वह कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बनीं और २०१२ तक इस पद पर रहीं। जॉब के दौरान ही उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया।

यह भी पढ़ें-

"अनिल अग्रवाल: संघर्ष से सफलता तक का सफर, कैसे बने वेदांता ग्रुप के अरबपति?"

एमबीए के दौरान ही उन्हें अपना बिजनेस करने का ख्याल आया था। ५० की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते फाल्गुनी नायर ने अपनी बेहतरीन नौकरी छोड़कर साल २०१२ में Nykaa की शुरुआत की । नायका संस्कृत के शब्द नायिका से प्रेरित है। इसका अर्थ होता है। प्रमुख किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री।


ऑनलाइन बेचे प्रोडक्ट

फाल्गुनी नायर ने भारतीय महिलाओं की खूबसूरती को निखारने को अवसर के तौर पर देखा और २०१२ में ब्यूटी-वेलनेस प्रोडक्ट बेचने की लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। फाल्गुनी नायर की यह वेंचर पहले दिन से ही काफी सफल रहा जल्द ही यह फैशन प्रोडक्ट के प्लेटफार्म के रुप में पापुलर कंपनी बन गई। २०१४ में सिकोइया कैपिटल इंडिया ने नायका में १ मिलियन डॉलर का निवेश किया। इसके बाद कई निवेशकों ने कंपनी में पैसा लगाया. धीरे-धीरे कंपनी को विस्तार दिया जाने लगा।

करोड़ो की नेटवर्थ

फाल्गुनी नायर इस वक्त भारत की सबसे अमीर महिला सीईओ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ करीब २१६००० करोड़ रुपए से ज्यादा है।

नायका में फाल्गुनी १६०० से अधिक लोगों की टीम को लीड करती हैं। Nykaa मुख्य रुप से एक ई-कॉमर्स वेबसाइट है जो लैक्मे, काया स्किन क्लीनिक, लोरियल पेरिस इत्यादि सहित सभी प्रमुख ब्रांडों के ब्यूटी और वेलनेस प्रोडक्ट ऑफर करती है। इसके देशभर में ७० स्टोर भी हैं। इनका विस्तार और भी हो रहा है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वीबा फूड्स ने कैसे FMCG मार्केट में क्रांति स्थापित किया..पढ़िए सफलता की अनोखी कहानी

   विराज बहल देश के जाने-माने उद्यमी हैं, जो शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन में नए जज के रूप में शामिल हुए हैं। जजों के पैनल में अमन गुप्ता, अनुपम मित्तल, नमिता थापर, विनीता सिंह और पीयूष बंसल भी शामिल हैं। विराज की कहानी एक साधारण शुरुआत से लेकर एक बड़े फूड बिजनेस तक पहुंचने की है। उन्हें भारत के एफएमसीजी सेक्टर, विशेष रूप से सॉस बनाने वाली कंपनी वीबा फूड्स (Veeba Foods) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक के रूप में जाना जाता है। 2013 में स्थापित वीबा फूड्स आज भारतीय फूड इंडस्ट्री का एक प्रमुख ब्रांड बन चुका है और इसने उद्योग को एक नई दिशा दी है। हालांकि, विराज का सफर कभी आसान नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया, जिनमें शुरुआती असफलताएं और आर्थिक कठिनाइयां शामिल थीं। लेकिन उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्षशीलता ने उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाया। आइए, विराज बहल की प्रेरणादायक सफलता की कहानी को और गहराई से समझते हैं। घर बेचकर नए बिजनेस के लिए जुटाए पैसे विराज का फूड बिजनेस से जुड़ाव बचपन से ही था। वह अक्सर अपने पिता की फैक्ट्री जाया करते थे, जहां उन्होंने फूड ...

भाविश अग्रवाल ने कैसे OLA को बना दिया इंडिया का ब्रांड..पढ़िए रोचक यात्रा

  भारत ने हाल ही में एक बहुत बड़ा बदलाव देखा है, जो बेहद कम समय में हुआ। अब आप इंटरनेट के जरिए किराने का सामान मंगवा सकते हैं, खाना सीधे आपके दरवाजे तक पहुंच सकता है, और बिना गैस पेडल दबाए अपने शहर के सबसे दूरस्थ कोने तक पहुंच सकते हैं। ओला कैब्स, जिसे भाविश अग्रवाल ने सह-स्थापित किया था, अब ओला कंज्यूमर बन चुकी है। इसने भारत में ग्राहकों को लंबी कतारों में खड़े होने, घंटों तक इंतजार करने, या ऑटोवाले द्वारा अनदेखा किए जाने जैसी समस्याओं को हल किया है। इसके अलावा, इसने महिलाओं के लिए दिन के किसी भी समय यात्रा को सुरक्षित बना दिया है। फोटोग्राफी के शौकीन अग्रवाल का सपना भारतीयों को सुरक्षित और भरोसेमंद कैब सेवा प्रदान करना था, और उन्होंने यह सब कम उम्र में ही हासिल किया। अग्रवाल ओला के सह-संस्थापक और सीईओ हैं, और ओला इलेक्ट्रिक के एकमात्र संस्थापक भी हैं। इस सफल कैब सेवा का पहला प्रयोग दिल्ली की सड़कों पर किया गया। भाविश अग्रवाल ने अंकित भाटी के साथ मिलकर ओला की स्थापना की, और इसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह इतिहास बन गया। प्रारंभिक जीवन भाविश अग्रवाल, जिन्हें अक्सर मारवाड़ी समझा जाता है,...

जीवन बीमा एजेंट ने कैसे बनाई साउथ की सबसे बड़ी रियल स्टेट कंपनी..पढ़िए गजब की कहानी।

   कड़ी मेहनत और लगन से दुनिया में कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। यह बात साबित की है दक्षिण भारत की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में से एक, हनी ग्रुप के सीएमडी, मुक्का ओबुल रेड्डी ने। उन्हें कोई विरासत में बिजनेस नहीं मिला था, बल्कि अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने यह सफलता हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंश्योरेंस एजेंट के रूप में की और धीरे-धीरे सफलता की ऊँचाइयों को छुआ। आज उनकी कंपनी के दक्षिण भारत के कई शहरों में लगभग 500 प्रोजेक्ट चल रहे हैं और कंपनी में करीब पांच सौ कर्मचारी कार्यरत हैं।  मुक्का ओबुल रेड्डी ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद 2003 में श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से मार्केटिंग में एमबीए किया। 18 साल की उम्र तक आते-आते ओबुल ने प्रोफेशनल दुनिया में कदम रख लिया था। इतनी कम उम्र में सीखने और अनुभव प्राप्त करने के लिए ओबुल ने कुछ कंपनियों में डोर-टू-डोर सेल्स पर्सन के रूप में काम किया। यह भी पढ़ें-  150 रुपए की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति तक..पढ़िए गरीब से अमीर बनने की प्रेरक घटना उनकी शुरुआत सेल्सपर्सन के रूप में हुई, और इ...