क्या आपने कभी सोचा था कि एक साधारण-सा मोबाइल ऐप भारत में निवेश की पूरी परिभाषा बदल देगा ? जिस शेयर मार्केट को लोग जटिल , जोखिम भरा और केवल अमीरों का खेल समझते थे , उसी दुनिया को एक प्लेटफॉर्म ने इतना आसान बना दिया कि अब कॉलेज का छात्र भी आत्मविश्वास के साथ निवेश शुरू कर सकता है। यह कहानी है उस स्टार्टअप की जिसने डर को भरोसे में और उलझन को सरलता में बदल दिया। Groww ने साबित कर दिया कि सही सोच , तकनीक और विज़न के साथ आप करोड़ों लोगों की वित्तीय सोच बदल सकते हैं। प्रस्तावना भारत में एक समय ऐसा था जब निवेश को केवल बड़े शहरों और अमीर लोगों तक सीमित माना जाता था। शेयर मार्केट का नाम सुनते ही आम लोगों के मन में डर , जटिल प्रक्रियाएँ और भारी ब्रोकरेज फीस की छवि उभर आती थी। ऐसे माहौल में निवेश को सरल और सबके लिए सुलभ बनाना किसी बड़े बदलाव से कम नहीं था। इसी सोच के साथ 2016 में Groww की शुरुआत हुई। इसके संस्थापक — Lalit Keshre , Harsh Jain , Neeraj Singh और Ishan Bansal पहले Flipkart में काम कर चुके थे। उन्होंने महसूस किया कि जैसे ऑनलाइन शॉपिंग को आसान बनाया जा सकता है , वैसे ह...
15 साल के कॉर्पोरेट अनुभव के बाद, वेंकटेश अय्यर ने देखा कि मुंबई में लाखों लोगों को एक स्वस्थ, साफ और पौष्टिक फास्ट फूड की ज़रूरत थी, और वड़ा पाव इस ज़रूरत को पूरा कर सकता था। फिर क्या था उन्होंने एक सालों पुरानी अपनी ख्वाहिश को हकीकत में बदल दिया और मुंबई ही बड़ा पाव को पूरे देश में प्रसिद्दी दिलाई । वेंकटेश अय्यर ने एक ऐसी असाधारण उपलब्धि हासिल की है जो सफलता की कई कहानियाँ को मीलों पीछे छोड़ चुका है । उनकी कंपनी 'गोली वड़ा पाव' एक सफल ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है, जिसे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, आईएमडी स्विट्जरलैंड और आईएसबी जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों ने केस स्टडी के तौर पर अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। प्रारंभिक जीवन मध्यमवर्गीय तमिल ब्राह्मण परिवार में जन्मे वेंकटेश को बचपन में यह कहकर ताना मारा जाता था कि 'यदि अच्छे से नहीं पढ़ोगे, तो वड़ा पाव बेचना पड़ेगा।' यह एक आम बात है क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी पढ़ाई करके इंजीनियर, डॉक्टर या चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर बनें। वेंकटेश के परिवार की भी यही अपेक्षा थी। लेकिन किसी ने य...